देश-भर में धर्मान्तरण को लेकर चल रही बहस के बीच मध्यप्रदेश से एक गंभीर मामला सामने आया है. राजधानी भोपाल से लगे रायसेन जिले के एक स्कूल में बच्चों को किताबों के जरिए एक धर्म विशेष की शिक्षा देने की कोशिश को लेकर हंगामा हुआ है. मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं.
रायसेन जिले वार्ड-तीन में संचालित ‘बेबी कान्वेंट स्कूल’ की प्राचार्या आईए कुरैशी के खिलाफ जांच के लिए शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं.
आरोप है कि प्राचार्या द्वारा छात्रों को कुछ पट्टी पहाड़े बांटे गए, जिनकी वर्णमाला में ‘क’ से ‘काबा’, ‘म’ से मस्जिद और ‘न’ से नमाज जैसे धर्म विशेष की सामग्री होने की जानकारी सामने आई
इसकी जानकारी मिलते ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों ने शुक्रवार शाम स्कूल पहुंचकर हंगामा किया और प्राचार्या का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया
अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) प्रतिभा शर्मा ने बताया कि खबर मिलते ही कोतवाली प्रभारी नरेंद्र गोयल पुलिस बल के साथ पहुंचे और मामले को शांत कराया।
उन्होंने बताया कि मामला शिक्षा विभाग से संबंधित है, इसलिए इसे जिला शिक्षाधिकारी को सौंप दिया गया है।
जिला शिक्षा अधिकारी डी.डी. रजक ने बताया कि मामला संज्ञान में है और इसकी जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों के मुताबिक स्कूल में धर्म विशेष के प्रतीक चिह्नों वाली पाठ्य सामग्री नहीं पढ़ाई जा सकती है।’’
बहरहाल, प्राचार्या आईए कुरैशी ने अपनी गलती मानते हुए बताया कि एक दो किताबें उनकी गलती से बच्चों तक चली गई थीं, जिनमें उर्दू-हिंदी के मिक्स पहाड़े वाले शब्द लिखे थे। उन्होंने कहा कि यह पट्टी पहाड़े उन्होंने भोपाल से मंगाए थे, जिनमें विक्रेता की गलती से तीन-चार ऐसे उर्दू-हिंदी वाले भी आ गए, जो मदरसों में पढ़ाए जाते हैं।
उन्होंने बताया कि वह 30 साल से शिक्षा के क्षेत्र में हैं और पहली बार उनसे ऐसी कोई गलती हुई है
(लोकदेश डेस्क/एजेंसी। रायसेन)


