रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को शदाणी दरबार में आयोजित हिंदू राष्ट्रीय अधिवेशन में कहा कि प्रदेश में रोज किसी न किसी जगह से धर्मांतरण की खबर आ रही जिसे लेकर हमारी सरकार धर्मांतरण पर नया कानून लाने जा रही है।
अधिवेशन में मुख्यमंत्री से पहले वाले वक्ताओं ने राज्य में धर्मांतरण के कुचक्र पर गहरी चिंता जताई। इस आयोजन में स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर के वंशज रणजीत सावरकर भी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि किस तरह तत्कालीन केंद्र सरकार ने अंडमान-निकोबार में सावरकर के सम्मान में लगी पीतल की नाम पट्टिका को हटा दिया था, जिसके खिलाफ हुए आंदोलन में खुद वह (साय) भी शामिल हुए थे। मुख्यमंत्री ने इसे अपना अपना सौभाग्य बताया कि उन्हें इस जगह आकर कई लोगों का आशीर्वाद लेने का मौक़ा मिला है। साय ने कहा कि उन्होंने यहां धर्म रक्षा और गौ रक्षा पर लोगों के विचार सुने हैं। साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में अनुचित तरीके से के खिलाफ नए कानून का ड्राफ्ट तैयार हो रहा है, जिसे विधानसभा के अगले सत्र में पटल पर रखा जाएगा।
उन्होंने अधिवेशन में कहा कि राज्य में कोई भी गाय सड़कों पर नहीं दिखनी चाहिए और इसके लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में सवा सौ पंजीकृत गौशालाएं हैं, जिन्हें पांच लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये की सहायता दी जा रही है. नगरीय क्षेत्रों में भी गौशालाएं बनाई गई हैं और निर्देश दिए गए हैं कि सड़कों पर मवेशी नजर न आएं।
साय ने याद दिलाया कि छत्तीसगढ़ में ही भगवान श्रीराम ने अपने वनवास की लंबी अवधि व्यतीत की थी।
(लोकदेश समाचार। रायपुर)


