Sunday, January 18, 2026
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सुरक्षाबल के मनोबल को  सुप्रीम  कोर्ट की सुरक्षा; पहलगाम मामले पर सुनवाई से इंकार 

पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में 26 निराश गैर-मुस्लिमों की हत्या से शोकाकुल देश में सुरक्षाबलों के मनोबल को सुप्रीम कोर्ट ने बहुत बड़ी सुरक्षा प्रदान करते हुए इस हमले को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई से इंकार कर दिया। 

कोर्ट ने याचिकाकर्ता को फटकार लगाते हुए कहा कि उन्हें सुरक्षाबलों के मनोबल को तोड़ने की कोशिश से बचना चाहिए। कोर्ट ने याचिका लगाने  वाले पर तल्ख़ टिप्पणी करते हुए यह भी कहा, ‘हम आतंकवाद के मामलों की जांच के विशेषज्ञ नहीं हैं.’

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मुश्किल वक्त में देश का प्रत्येक नागरिक आतंकवाद से लड़ने के लिए एकजुट है. 

जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि यह ऐसा जरूरी समय है, जब देश का हर भारतीय आतंकवाद से लड़ने के लिए एकसाथ खड़ा है. 

कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसी मांग कर सुरक्षाबलों का मनोबल ना गिराएं. ये मामला बहुत ही संवेदनशील है. ऐसे में इस मामले की संवेदनशीलता का भी ख्याल रखें.

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में दर्ज किया है कि याचिकाकर्ता ने याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी है. कोर्ट ने याचिका वापस लेने की अनुमति दी है. पहलगाम मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसी याचिकाएं नहीं दाखिल करनी चाहिए. वकीलों को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप याचिका वापस लें, अन्यथा हमें आदेश जारी करना होगा. हम जांच कराने के विशेषग्य नहीं है. आप अपनी मांग तो देखिए, पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज की निगरानी में जांच हो. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी नागरिकों को एकजुट होकर आतंकवाद के खिलाफ होना चाहिए. इस तरह की मांग हमारी सिक्योरिटी फोर्सेज का मनोबल गिराने वाली है. ऐसी याचिका नहीं दाखिल की जानी चाहिए.
पहलगाम हमले में 22 अप्रैल में 26 लोगों की आतंकवादियों ने हत्या कर दी थी. इस घटना के बाद पीएम मोदी ने आतंकवाद को मिट्टी में मिलाने की बात कही थी. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए देश में सभी विपक्षी पार्टियां एकजुट हैं. सभी सरकार के फैसले में सुर में सुर मिला रहे हैं.

(लोकदेश डेस्क/एजेंसी। नई दिल्ली)