‘‘वर्तमान सत्र में अब तक हम 51 घंटे 30 मिनट बर्बाद कर चुके हैं।’’
राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने गुरुवार को यह टिप्पणी उस समय की, जब एक बार फिर भारी हंगामे के चलते संसद की दोनों सदनों में कामकाज बुरी तरह से प्रभावित हुआ.
हम बता दें कि मौजूदा सत्र में हंगामे के कारण राज्यसभा में अब तक एक भी दिन प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं हो सके हैं.
गुरुवार को भी राज्यसभा में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए दिए गए नोटिस आसन द्वारा खारिज किए जाने के विरोध में विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण बैठक शुरू होने के दस मिनट बाद ही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई।
उपसभापति हरिवंश ने बताया कि विभिन्न मुद्दों पर नियत कामकाज स्थगित कर चर्चा करने के लिए उन्हें नियम 267 के तहत 25 नोटिस मिले हैं। उपसभापति ने बताया कि ये नोटिस पूर्व में दी गई व्यवस्था के अनुरूप नहीं पाए गए अत: इन्हें खारिज कर दिया गया है। इस पर विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया।
हरिवंश ने सदस्यों से अपने स्थानों पर लौट जाने और कार्यवाही चलने देने का अनुरोध करते हुए कहा कि आज तक सदन में सदस्यों के पास 180 तारांकित प्रश्न पूछने, शून्यकाल के तहत 180 मुद्दे उठाने और विशेष उल्लेख के जरिये लोक महत्व के इतने ही मुद्दे उठाने का अवसर था लेकिन लगातार व्यवधान के कारण अब तक केवल 13 तारांकित प्रश्न, शून्यकाल के तहत पांच मुद्दे और केवल 17 विशेष उल्लेख ही हो पाए हैं।
(लोकदेश डेस्क/एजेंसी। नई दिल्ली)


