Tuesday, January 20, 2026
Google search engineGoogle search engine
Homeदेशउफ़ फिर कांग्रेस का 'आफ़तकाल'; आपातकाल को लेकर मोदी की तैयारियों पर...

उफ़ फिर कांग्रेस का ‘आफ़तकाल’; आपातकाल को लेकर मोदी की तैयारियों पर बिफरा विपक्ष

कांग्रेस के इस दावे का सच तो नहीं पता, लेकिन यह जरूर  पता लग रहा है कि इंदिरा गांधी के आपातकाल को लेकर यह दल एक बार फिर खुद को ‘आफ़तकाल’ जैसे हालात में महसूस कर रहा है. 

कांग्रेस का दावा है कि केंद्र सरकार आने वाली  जून को आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर संसद का विशेष सत्र बुलाने जा रही है. पार्टी इससे नाराज है और उसका कहना है कि ऐसा कर मुद्दों से ध्यान भटकाने की बजाय सरकार को पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के सीजफायर को लेकर विशेष सत्र बुलाने की विपक्ष की मांग पूरी करना चाहिए। 

कांग्रेस ने यह भी कहा कि देश में बीते 11 साल से अघोषित आपातकाल लगा हुआ है. 

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह आरोप भी लगाया कि सरकार असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश में है।

मुख्य विपक्षी दल के दावे पर फिलहाल सरकार की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।  

रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ’22 अप्रैल की रात से ही कांग्रेस पहलगाम आतंकी हमलों और उससे उत्पन्न हालात को लेकर प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग कर रही है। यह बैठक अभी तक नहीं बुलाई गई है।’  

उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि 10 मई को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष-दोनों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर संसद का विशेष सत्र बुलाने का अनुरोध किया था, ताकि पहलगाम आतंकी हमलों और उससे जुड़ी परिस्थितियों पर चर्चा की जा सके और एक साझा प्रस्ताव के माध्यम से सामूहिक संकल्प प्रकट किया जा सके।  

रमेश के अनुसार, प्रधानमंत्री ने उस सुझाव को भी स्वीकार नहीं किया है।  उन्होंने दावा किया, ‘अब सुनने को मिल रहा है कि 25-26 जून को आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर संसद का विशेष सत्र बुलाया जाएगा।’  

कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘यह प्रधानमंत्री द्वारा वास्तविक और अधिक तात्कालिक मुद्दों से ध्यान भटकाने और उसे मोड़ने का एक और अनोखा उदाहरण होगा, जबकि उन्हीं के नेतृत्व में देश पिछले 11 वर्षों से एक अघोषित आपातकाल की स्थिति में है।’  

रमेश ने दावा किया प्रधानमंत्री इन सवालों से लगातार बचते रहे हैं कि पहलगाम हमले के लिये जिम्मेदार आतंकी अब तक फरार क्यों हैं, उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप को संघर्षविराम के लिए मध्यस्थ बनने की अनुमति क्यों दी और 19 जून, 2020 को सार्वजनिक रूप से चीन को क्लीन चिट क्यों दी?

(लोकदेश डेस्क/एजेंसी। नई दिल्ली)