लोकसभा में सोमवार को विपक्षी सदस्यों के भारी हंगामे के बीच अध्यक्ष ओम बिरला ने भी आपा खो दिया।
यह तब हुआ, जब प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष के लोग नारेबाजी करते हुए तख्तियां लहरा रहे थे और उन्होंने सदन में पर्चियां भी फेकीं।
इस पर बिरला ने विपक्षी सांसदों को आड़े-हाथों लिया और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से कहा कि वह अपने दल के नेताओं को समझाएं कि ‘‘जनता ने उन्हें पर्चिंयां फेंकने तथा तख्तियां लाने के लिए नहीं भेजा है।’’
बिरला ने यह भी कहा कि देश यह जानना चाहता है कि आखिर प्रश्नकाल को नियोजित तरीके से क्यों बाधित किया जा रहा है?
इस बीच आज ही सदन से बाहर सोनिया गांधी और राहुल के नेतृत्व में विपक्ष ने बिहार में एसआईआर को लेकर जोरदार प्रदर्शन भी किया। सदन के भीतर भी विपक्ष इसी मसले को लेकर विरोध जता रहा था.
यह सब तब हुआ है, जब सदन में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर चर्चा होना भी कार्यसूची में शामिल किया गया है.
ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा में कांग्रेस की तरफ से राहुल गांधी, गौरव गोगोई , प्रियंका गांधी, दीपेंद्र हुड्डा, परिणीति शिंदे, शफी परमबिल, मणिकम टैगोर, राजा बराड़ बोलेंगे. वहीं कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा में भाग लेने के लिए पार्टी ने शशि थरूर से संपर्क किया लेकिन उन्होंने स्वेच्छा से मना कर दिया.
(लोकदेश डेस्क/एजेंसी। नई दिल्ली)


