Saturday, January 17, 2026
Google search engineGoogle search engine
Homeदेशआपदा में भी अवसर तलाशा विवादित गायिका नेहा राठौर ने; केस दर्ज...

आपदा में भी अवसर तलाशा विवादित गायिका नेहा राठौर ने; केस दर्ज होते ही कंगाली का रोना रोया 

पहलगाम में आतंकी हमले को लेकर सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट डालने वाली लोक गायिका नेहा सिंह राठौर के खिलाफ उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ में राष्ट्रद्रोह का मामला दर्ज कर लिया गया है. 

नेहा ने भी मौका लपकने में कोई देर नहीं की. उन्होंने अपने खिलाफ केस दर्ज होने की बात कहते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि उनके पास वकील को फीस देने के पैसे नहीं हैं. इसलिए उन्हें किसी से कानूनी मदद की जरूरत है. 

नेहा के पास पैसे हों या नहीं हों, लेकिन इस पोस्ट से उन्होंने यह बताने की कोशिश की है कि उनके फैंस सहित ऐसे कितने लोग हैं, जो पहलगाम से  जुड़ी उनकी पोस्ट के लिए उनका समर्थन करते हैं. 

लखनऊ के हजरतगंज थाने में नेहा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। एफआईआर कवि अभय प्रताप सिंह ने दर्ज कराई है. 

सिंह ने अपनी शिकायत में कहा है कि पिछले सप्ताह हुए पहलगाम आतंकी हमले के मद्देनजर एक विशेष धर्म समुदाय को निशाना बनाकर सोशल मीडिया पर उनकी भड़काऊ पोस्ट देश की एकता को नुकसान पहुंचा सकती हैं। 

सिंह ने कहा, ‘‘गायिका एवं कवयित्री नेहा सिंह राठौर ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर पहलगाम आतंकी हमले को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी और सोशल मीडिया मंच पर ऐसे वीडियो और पोस्ट साझा किए जिनका राष्ट्रीय अखंडता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।’’  

मुकदमे में राठौर पर धर्म और जाति के आधार पर समुदायों के बीच मतभेद पैदा करने और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने का आरोप लगाया गया है।  

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि राठौर ने पहलगाम हमले में निर्दोष पीड़ितों की मौत पर सवाल उठाए और राष्ट्र विरोधी बयान दिए, जिससे शांति और सार्वजनिक व्यवस्था भंग होने की आशंका उत्पन्न हुई। उनके बयान पाकिस्तान में वायरल हो गए हैं, जहां मीडिया द्वारा उनका इस्तेमाल भारत विरोधी प्रचार के लिए किया जा रहा है। 

शिकायत के आधार पर हजरतगंज पुलिस ने बताया कि लोक गायिका के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत कई आरोपों में मामला दर्ज किया गया है, जिसमें सांप्रदायिक दुश्मनी को बढ़ावा देने, सार्वजनिक शांति को भंग करने और भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने का प्रयास करना शामिल है। साथ ही, उन पर सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।  

(लोकदेश डेस्क/एजेंसी। नई दिल्ली)