Saturday, January 17, 2026
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आतंकी दादागिरी के लिए भारतीय शेरनी ने पाकिस्तान को ऐसे नानी याद दिलाई 

पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत ने अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भी पाकिस्तान को जमकर लताड़ लगाई है. इससे पहले हमले के मद्देनजर केंद्र सरकार ने सिंधु नदी का जल पाकिस्तान जाने से रोकने और देश से पाकिस्तानियों को बाहर करने के फैसलों पर अमल भी शुरू कर चुकी है.

  संयुक्त राष्ट्र में भारत की उप स्थायी प्रतिनिधि राजदूत योजना पटेल ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र के आतंकवाद निरोधक कार्यालय के ‘विक्टिम्स ऑफ टेररिज्म एसोसिएशन नेटवर्क’ (वोटन) के डिजिटल सह प्रत्यक्ष (हाइब्रिड) के उद्घाटन कार्यक्रम में पाकिस्तान को नानी याद दिलाने के अंदाज में वैश्विक मंच पर उसका कच्चा चिटठा खोला।

योजना पटेल ने कहा कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने खुलेआम कबूल किया है कि उनके देश का आतंकवादी संगठनों का समर्थन और वित्तपोषण करने का इतिहास रहा है, और यह कबूलनामा उजागर करता है कि पाकिस्तान वैश्विक आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला एक ‘‘दुष्ट देश’’ है और क्षेत्र को अस्थिर कर रहा है।  

योजना पटेल ने पाकिस्तान के प्रतिनिधि द्वारा जम्मू कश्मीर के पहलगाम आतंकवादी हमले का संदर्भ दिए जाने पर अपने ‘जवाब देने के अधिकार’ का इस्तेमाल करते हुए इसका जोरदार तरीके से उत्तर दिया।  

पटेल ने कहा, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक विशेष प्रतिनिधि ने दुष्प्रचार करने और भारत के खिलाफ निराधार आरोप लगाने के लिए इस मंच का दुरुपयोग करने और इसे कमजोर करने का विकल्प चुना है।’’  

उन्होंने कहा, ‘‘पूरी दुनिया ने पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ को हाल में एक टेलीविजन साक्षात्कार में आतंकवादी संगठनों का समर्थन, प्रशिक्षण और वित्त पोषण करने के पाकिस्तान के इतिहास को कबूलते हुए सुना है।’’  

पटेल ने जोर देकर कहा कि ‘‘इस खुले कबूलनामे से किसी को आश्चर्य नहीं हुआ, बल्कि इसने पाकिस्तान को वैश्विक आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले और क्षेत्र को अस्थिर करने वाले एक दुष्ट राष्ट्र के रूप में उजागर किया है। दुनिया अब और आंखें नहीं मूंद सकती। मेरे पास कहने के लिए और कुछ नहीं है।’’  

यह कहा था आसिफ ने 

‘स्काई न्यूज’ पर हाल में एक साक्षात्कार में आसिफ ने कहा था, ‘‘ठीक है, हम लगभग तीन दशकों से अमेरिका और ब्रिटेन सहित पश्चिम के लिए यह नापाक काम कर रहे हैं’’। अपनी इस टिप्पणी में उन्होंने स्वीकार किया कि पाकिस्तान का इन आतंकवादी संगठनों को समर्थन तथा प्रशिक्षण देने और उनका वित्त पोषण करने का एक लंबा इतिहास रहा है।

(लोकदेश डेस्क/एजेंसी। संयुक्त राष्ट्र)