Monday, January 19, 2026
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आतंकवाद-माओवाद सहन नहीं, इनके लिए हमारा जीरो टॉलरेंस- मोदी की खरी-खरी

देश की सीमा पार ऑपरेशन सिंदूर और छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ नक्सल अभियान की सफलता के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ़ कहा है कि उनकी सरकार आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलेगी और ये गड़बड़ियां बिलकुल भी सहन नहीं की जाएंगी। 

मोदी ने यह बात शुक्रवार को नई दिल्ली में कही. प्रधानमंत्री यहां पूर्वोत्तर क्षेत्र के राज्यों के विकास के विषय पर केन्द्रित दो दिवसीय निवेशक सम्मेलन- नॉर्थ ईस्ट इन्वेस्टर्स समिट के उदघाटन कार्यक्रम में बोल रहे थे. 

मोदी ने शांति और बुनियादी ढांचागत सुविधाओं को विकास की आवश्यक शर्त बताया और कहा कि उनकी सरकार ने पिछले 11 वर्ष में पूर्वोत्तर क्षेत्र में अवसंरचना-विकास और शांति के लिए जो काम किए हैं, उससे पूर्वोत्तर क्षेत्र के राज्य आज निवेशकों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

मोदी ने कहा, “ आतंकवाद हो या अशांति फैलाने वाले माओवादी, (उनके प्रति) हमारी सरकार जीरो टॉलरेंस (रत्ती भर भी बर्दाश्त न करने) की नीति पर चल रही है।” 

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने पूर्वोत्तर में विभिन्न संगठनों के साथ पिछले कुछ वर्षों में कई शांति समझौते किए हैं और 10 हजार से अधिक युवाओं ने हथियार छोड़ कर मुख्य धारा को अपनाया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र की उनकी योजना में क्षेत्र के युवाओं के लिए विकास के अवसरों का सृजन सबसे उच्च प्राथमिकता रखता है। 

उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्ष में हमने पूर्वोत्तर में बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए जो कुछ किया है, वह केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि वह क्षेत्र के विकास की एक बड़ी सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि बुनियादी सुविधा, हर निवेश की पहली शर्त है। पूर्वोत्तर क्षेत्र बहुत समय तक अभाव में रहा था, लेकिन अब वहां भारी निवेश हुआ है। एक दशक में वहां 11 हजार किलोमीटर के नये राजमार्ग बने हैं, सैकड़ों किलोमीटर के नये रेल मार्ग विकसित हुए हैं, तथा हवाई अड्डों की संख्या दोगुनी हो गयी है। 

उन्होंने निवेशकों से उस क्षेत्र में उभरते अवसरों का लाभ उठाने के लिए पहले पहुंचने की सलाह देते हुए कहा कि आने वाले समय में पूर्वोत्तर भारत दक्षिण-पूर्व एशिया और प्रशांत क्षेत्र में व्यापार का एक बड़ा केंद्र बनेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अपने पूर्वोतर क्षेत्र में विकास और व्यापार की संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग के विकास तथा कोलकाता और कालादान (म्यांमार) बंदरगाह सम्पर्क परियोजना पर काम कर रहा है। 

(लोकदेश डेस्क/एजेंसी। नई दिल्ली)