राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा कदम उठाते हुए अपने लिए बोलने यानी प्रदेश प्रवक्ता का काम देखने वाले कृष्ण कुमार जानू को छह साल के लिए पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है.
जानू पर आरोप है कि उन्होंने पार्टी का अनुशासन भंग किया और पूर्व उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ तथा दिवंगत पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के साथ पार्टी के व्यवहार की सार्वजनिक रूप से निंदा की.
पार्टी ने जानू को बीती 20 जून को कारण बताओ नोटिस जारी किया था. जानू ने निर्धारित अवधि में इसका जवाब नहीं दिया। इसके चलते उन्हें अब निष्कासित कर दिया गया है.
इस विवाद की शुरुआत कुछ महीने पहले तब हुई थी, जब झुंझुनू जिले में भाजपा जिला अध्यक्ष के रूप में हर्षिनी कुल्हरी की नियुक्ति की गई.
कृष्ण कुमार जानू ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखकर इस नियुक्ति पर सवाल उठाए थे.
अपनी पोस्ट में उन्होंने कई वरिष्ठ नेताओं जैसे ओमेंद्र चारण, दिनेश धाबाई, विक्रम सैनी, विकास लोटिया, सरजीत चौधरी और योगेंद्र मिश्रा के नाम लेकर पूछा था कि झुंझुनू जिलाध्यक्ष की ऐसी कौन सी योग्यताएं थीं जो अन्य नेताओं में नहीं थीं.
लेकिन जानू के निष्कासन की मुख्य वजह उनका एक दिन पहले (आठ अगस्त, 2025) वाला वह बयान है, जिसमें उन्होंने जगदीप धनखड़ और सत्यपाल मलिक को लेकर भाजपा के रुख के खुलकर आलोचना की थी.
जानू ने सत्यपाल मलिक का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान से नहीं किए जाने और पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को फेयरवेल नहीं देने को भाजपा का पूर्वाग्रह बताते हुए कड़ी आलोचना की थी। साथ ही उन्होंने जाट समाज से इस अपमान के खिलाफ आवाज उठाने का भी आह्वान किया है.
(लोकदेश डेस्क/एजेंसी। जयपुर)


