मास्को। द्वितीय विश्वयुद्ध में जर्मनी पर सोवियत संघ की जीत का जश्न मनाने के लिए समूचा रूस तैयार है। इस विजय दिवस की 80वीं वर्षगांठ पर नौ मई को मॉस्को के रेड स्क्वायर में होने वाली विक्ट्री परेड में 29 देशों के राष्ट्राध्यक्ष हिस्सा लेंगे। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग परेड के मुख्य अतिथि होंगे। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आमंत्रण पर शी क्रेमलिन पहुंच चुके हैं। रूस की समाचार एजेंसी तास के अनुसार रूस और चीन के राष्ट्राध्यक्षों की आमने-सामने की मुलाकात होगी। इसके बाद दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच विस्तृत बातचीत होने की उम्मीद है। क्रेमलिन प्रेस सेवा के अनुसार राष्ट्राध्यक्ष यूक्रेन संघर्ष और रूस-अमेरिका संबंधों सहित अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इस साल की शुरूआत से दोनों नेताओं के बीच तीसरी बार बातचीत होगी। दोनों ने जनवरी में वीडियो कॉन्फ्रेंस मीटिंग की और फरवरी के अंत में फोन पर बात की थी। मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी भी विजय दिवस में हिस्सा लेने के लिए आज मॉस्को के लिए रवाना हुए हैं। उनके कार्यालय ने एक बयान में यह जानकारी दी। अल-यूम अस-सबिया समाचार वेबसाइट के अनुसार, बयान में कहा गया है कि मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी 9 मई को विजय दिवस समारोह में हिस्सा लेने के लिए ग्रीक की राजधानी एथेंस से मॉस्को की यात्रा पर रवाना हो गए। अल-सिसी की यह यात्रा रूस के राष्ट्रपति पुतिन के निमंत्रण पर हो रही है।
तास के अनुसार, मॉस्को विजय परेड में 29 देशों के राष्ट्राध्यक्षों का स्वागत करेगा। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो, चीन के नेता शी जिनपिंग और वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव टो लैम के अलावा अजरबैजान, आर्मेनिया, बेलारूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, उज्बेकिस्तान, अब्खाजिया, बोस्निया, हजेर्गोविना, ब्राजील, बुर्किना फासो, वेनेजुएला, वियतनाम, गिनी-बिसाऊ, जिम्बाब्वे, कांगो, क्यूबा, लाओस, मंगोलिया, म्यांमार, फिलिस्तीन, सर्बिया, स्लोवाकिया, इक्वेटोरियल गिनी, इथियोपिया और दक्षिण ओसेशिया के नेता मौजूद रहेंगे।
रूस के राष्ट्रपति के सहयोगी यूरी उशाकोव ने कहा कि भारत, निकारागुआ और दक्षिण अफ्रीका का प्रतिनिधित्व उल्लेखनीय रूप से उच्च स्तर पर होगा। पुतिन द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति की 80वीं वर्षगांठ के समारोह के लिए सितंबर में बीजिंग की यात्रा कर सकते हैं। रूस की राजधानी में 29 देशों के नेताओं का आगमन वैश्विक मंच पर रूस के बढ़ते प्रभाव को दशार्ता है। पुतिन शुक्रवार को चीन, ब्राजील और अन्य राष्ट्राध्यक्षों के समारोह की मेजबानी करेंगे।
रेड स्क्वायर परेड से पहले यूक्रेन का रूस पर ड्रोन हमला, 100 से अधिक उड़ानें रद्द
यूक्रेन ने लंबी दूरी के ड्रोन से बुधवार को लगातार तीसरे दिन रूस की राजधानी मास्को पर हमला किया। ड्रोन हमलों के चलते मास्कों के मुख्य हवाई अड्डों पर उड़ानों में रुकावटें आईं। इन हमलों के चलते 100 से अधिक उड़ानों को रद्द करना पड़ा और 140 से अधिक उड़ानों में देरी हुई। यूक्रेन का ड्रोन हमला रेड स्क्वायर में वार्षिक विजय दिवस सैन्य परेड से पहले हुआ, जब रूस विदेशी मेहमानों जैसे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ब्राजील के राष्ट्रपति का स्वागत करने की तैयारी कर रहा था।
यूक्रेनी ड्रोन हमलों के चलते बुधवार सुबह रूसी एयरलाइन एयरोफ्लोट ने मास्को से आने-जाने वाली 100 से अधिक उड़ानें रद्द कर दीं।
अधिकारियों ने बताया कि यूक्रेनी ड्रोन खतरे और विजय दिवस कार्यक्रमों के आसपास सुरक्षा उपायों के चलते एयरोफ्लोट की 140 से अधिक उड़ानों में भी देरी हुई।
मास्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने कहा कि रूसी वायु सेना ने मास्को के पास करीब 9 ड्रोन को मार गिराया है। इसके बाद, उन्होंने शाम को सूचना दी कि मास्को को निशाना बनाने वाले 15 और यूक्रेनी ड्रोन को विफल कर दिया गया।
परेड की तैयारियों पर असर डाल सकते हैं यूक्रेनी ड्रोन हमले
रूस 9 मई को विजय दिवस मनाएगा, जो रूस का बड़ा राष्ट्रीय त्योहार है। यह दिन द्वितीय विश्व युद्ध में नाजी जर्मनी पर जीत की 80वीं वर्षगांठ के रूप में मनाया जाएगा। विजय दिवस के जश्न की तैयारियों के बीच यूक्रेनी ड्रोन बार-बार हमला कर रहे हैं, जो रूसियों को परेशान कर सकते हैं और परेड की तैयारियों पर असर डाल सकते हैं।
रूस ने 72 घंटे के युद्धविराम की बनाई योजना
हालांकि, रूस ने विजय दिवस के जश्न के दौरान 72 घंटे के युद्धविराम की योजना बनाई है। मार्च में, अमेरिका ने युद्ध में 30-दिवसीय युद्धविराम का प्रस्ताव रखा, जिसे यूक्रेन ने स्वीकार कर लिया, लेकिन रूस ने युद्धविराम की शर्तों को अपनी पसंद के अनुसार रखा। अमेरिका चाहता है कि लंबे समय के लिए कोई समाधान निकले।


