Monday, January 19, 2026
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पाकिस्तान जहां कटोरा लेकर जाता है, वही यूएई आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ आया    

पहलगाम में आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर से आर्थिक रूप से भी टूटे पाकिस्तान को एक और बहुत बड़ा झटका लगा है. भारत का पड़ोसी लेकिन दुश्मन यह देश अपनी आर्थिक मदद के लिए जिस संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के आगे हाथ फैलाता है, उसी यूएई ने भारत के साथ आतंकवाद से निपटने के लिए सहयोग वाला हाथ बढ़ाया है. 

यूएई ने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में अपनी ओर से भारत के लिए अटूट समर्थन की बृहस्पतिवार को पुष्टि की। यूएई के एक सांसद ने आतंकवाद को ‘वैश्विक खतरा’ और ‘पूरी मानवता के लिए बुराई’ करार दिया।

आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक संपर्क के तहत शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के नेतृत्व में एक सर्वदलीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल के साथ सार्थक बैठक के बाद संघीय राष्ट्रीय परिषद की रक्षा मामलों, आंतरिक और विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष अली राशिद अल नुएमी ने यह टिप्पणी की।  

अल नुएमी ने कहा, ‘आतंकवाद केवल एक राष्ट्र या क्षेत्र के लिए ही खतरा नहीं है, बल्कि यह एक वैश्विक खतरा है। हमारा मानना ​​है कि हमें, एक अंतरराष्ट्रीय समुदाय के रूप में एक साथ आकर पूरी मानवता के लिए बेहतर भविष्य बनाने का प्रयास करना चाहिए।” 

 यह प्रतिनिधिमंडल उन सात बहुदलीय प्रतिनिधिमंडलों में से एक है, जिन्हें भारत ने अंतराराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान की साजिशों और आतंकवाद के प्रति भारत की प्रतिक्रिया के बारे में बताने के लिए विदेश दौरा करने का काम सौंपा है। ये प्रतिनिधिमंडल 33 देशों की राजधानियों की यात्रा करेंगे। 

 अल नुएमी ने कहा, ‘आतंकवाद मानवता का दुश्मन है। बुद्धिमान लोगों को इसके खिलाफ बोलना चाहिए।’  उन्होंने इस खतरे से निपटने के लिए अमीरात की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।  भारत के साथ गहरे द्विपक्षीय संबंधों को रेखांकित करते हुए यूएई के नेता ने कहा, ‘हम आतंकवाद से लड़ने के प्रयासों में पहले से ही भारत के साथ सहयोग कर रहे हैं। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।” 

 शिंदे ने बातचीत को बेहद सार्थक बताया और आतंकवाद के खिलाफ यूएई के कठोर रुख का उल्लेख किया।  

शिंदे ने कहा, ‘हमने रक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ. अल राशिद अल नुएमी और सहिष्णुता मंत्री शेख नाहयान से मुलाकात की। यूएई आतंकवाद के खिलाफ पूरी प्रतिबद्धता के साथ भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।’  उन्होंने कहा कि यूएई का स्पष्ट संदेश एकजुटता का है: ‘हम आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़े हैं, आतंकवाद से लड़ रहे हैं। यूएई जैसा देश, एक ऐसे पड़ोस में जहां विविधता मुख्य संस्कृति है – जैसे भारत – अभी भी शांति और समृद्धि बनाए रखता है। यूएई में रहने वाले भारतीय सुरक्षित महसूस करते हैं।’  

शिंदे ने एक प्रमुख भागीदार के रूप में यूएई की भूमिका पर जोर दिया, उन्होंने कहा कि यूएई भारत पर हमले की निंदा करने वाला पहला देश था। उन्होंने कहा, ‘संदेश स्पष्ट है: किसी भी धर्म के नाम पर आतंकवाद नहीं फैल सकता। यह केवल भारत पर ही नहीं, बल्कि मानवता पर हमला है।’  

शिंदे के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल ने इससे पहले अबू धाबी में यूएई फेडरल नेशनल काउंसिल के सदस्य अहमद मीर खोरी से मुलाकात की और पाकिस्तान की धरती से उत्पन्न राष्ट्र प्रायोजित आतंकवाद का मुकाबला करने के भारत के मजबूत संकल्प से उन्हें अवगत कराया।

(लोकदेश डेस्क/एजेंसी। अबू धाबी)