पाकिस्तान में एक बार फिर अल्पसंख्यकों पर कट्टरपंथियों ने कहर बरपाया है. देश के पूर्वी हिस्से में अहमदिया समुदाय के एक डॉक्टर की गोली मारकर हत्या कर दी गयी.
मृतक की पहचान डॉ. शेख महमूद के रूप में की गई है.
पूर्वी शहर सरगोधा के एक निजी अस्पताल में शुक्रवार को गोली मारकर डॉ. महमूद की हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद बंदूकधारी घटनास्थल से भाग गया।
सोमवार को पुलिस ने संदिग्ध की तलाश तेज कर दी है। इस समुदाय को निशाना बनाकर किए गए घातक हमलों का यह ताजा मामला है।
अहमदिया धर्म इस्लाम की एक शाखा है, लेकिन पाकिस्तान ने 1974 में अहमदिया समुदाय को गैर-मुस्लिम घोषित कर दिया। वर्तमान में करीब 25 करोड़ की आबादी वाले पाकिस्तान में लगभग पांच लाख अहमदिया लोग हैं।
फिलहाल शुक्रवार को की गई हत्या की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली है। लेकिन कट्टरपंथी इस्लामवादी पार्टी तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान के समर्थकों ने अहमदिया समुदाय पर ईशनिंदा का आरोप लगाते हुए उन पर कई बार हमले किए हैं।
पाकिस्तान में ईशनिंदा के लिए मृत्युदंड का प्रावधान है और यहां तक कि इस्लाम का अपमान करने की अफवाह या आरोप भी भीड़ को घातक हिंसा के लिए उकसा सकते हैं।
सरगोधा के पुलिस अधिकारी सिकंदर अली ने बताया कि डॉ. शेख महमूद की हत्या के मकसद अभी तक स्पष्ट नहीं है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
अहमदिया समुदाय के प्रवक्ता आमिर महमूद ने कहा कि महमूद की हत्या पाकिस्तान में अप्रैल के बाद से अहमदिया समुदाय पर तीसरा हमला है। उन्होंने सरकार से अहमदिया समुदाय की रक्षा करने का आग्रह किया, जिनके धार्मिक स्थलों और यहां तक कि कब्रिस्तानों को भी अक्सर चरमपंथी सुन्नी समूहों द्वारा अपवित्र किया जाता है।
(लोकदेश डेस्क/एजेंसी। इस्लामाबाद)


