लगता है कि बांग्लादेश में सत्ता की पकड़ अपने हाथ से फिसलता देखकर मुहम्मद यूनुस की अकड़ कुछ ढीली हो रही है.
बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने सोमवार को कहा कि देश में कोई भी संविधान संशोधन धार्मिक आजादी और अल्पसंख्यक अधिकारों को कायम रखेगा।
यह बात ऐसे समय की गई है, जब इस देश में शेख हसीना के तख्तापलट के बाद से वहां रह रहे अल्पसंख्यक हिंदुओं पर अमानवीय अत्याचारों की पूरी दुनिया में गूंज हुई है. साथ ही बीच में इस बात के भी पुख्ता संकेत मिले थे कि यूनुस किसी भी समय अपने पद और जिम्मेदारी से हाथ झाड़ सकते हैं
हालाँकि यूनुस के हटने की बात का खंडन हो गया है और अब उनके सुर भी बदल गए हैं.
यूनुस ने कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक भी बहुसंख्यक मुस्लिम आबादी की तरह अधिकारों का लाभ उठाते रहेंगे।
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख यूनुस ने यहां अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी आयोग (यूएससीआईआरएफ) के अध्यक्ष स्टीफन श्नेक से मुलाकात के दौरान यह बात कही।
यूनुस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के अनुसार उन्होंने कहा, ‘‘हम देश में धार्मिक सौहार्द के लिए बहुत मेहनत कर रहे हैं।’’
(डेस्क/एजेंसी। नई दिल्ली/ढाका)


