Thursday, January 15, 2026
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हमारे ‘बाबू भैया’  ने सठियाने की उम्र के भी दस साल पूरे कर लिए हैं

हेरा फेरी फिल्म के मशहूर किरदार बाबू भैया वाले परेश रावल ने आज (30) मई को सठियाने की उम्र के भी दस साल पूरे कर लिए. यानी वो 70 वर्ष के हो गए हैं.

अपने दमदार अभिनय से दर्शकों को दीवाना बनाने वाले परेश रावल को इस शुभ अवसर पर बधाई।

तो आइए जानते हैं उनके जीवन के सफर की खट्टी-मीठी बातें। 

परेश रावल का जन्म 30 मई, 1955 को मुंबई में एक गुजराती ब्राह्मण परिवार में हुआ था।

परेश के पिता का नाम ‘दह्यालाल रावल’ था। परेश ने स्कूल की पढ़ाई ‘महाराष्ट्र एसएससी बोर्ड’ से पूरी की। इसके बाद उन्होंने स्नातक की डिग्री प्राप्त की।

परेश रावल को बचपन से ही अभिनय में रुचि थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें थियेटर ग्रुप ज्वाइन कर लिया और नाटकों में हिस्सा लेने लगे।

परेश रावल ने एक बार बताया था कि उनके घर परिवार में पॉकेट मनी का कोई कॉन्सेप्ट नहीं था। ऐसे में वह गुजारे के लिए परेश बैंक में नौकरी करने लगे।
परेश ने बताया था कि उन्हें डेढ़ महीने के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा में नौकरी मिली थी लेकिन उन्होंने तीन दिन के बाद ही नौकरी छोड़ दी थी। ऐसे में उनके लिए सर्वाइव करना मुश्किल हो रहा था। तब उनकी मदद उनकी गर्लफ्रेंड संपत स्वरुप करती थी। स्वरूप संपत परेश को पैसे दिया करती थी।

स्वरूप संपत अभिनेत्री भी रह चुकी हैं। उन्होंने मिस इंडिया का खिताब भी जीता था।

परेश रावल और स्वरूप संपत ने वर्ष 1987 में शादी रचा ली थी। परेश रावल ने वर्ष1984 में प्रदर्शित फिल्म ‘होली’ में काम किया।

अभिनेता आमिर ख़ान ने इसी फिल्म से अभिनेता के रूप में अपने सिने कैरियर की शुरुआत की थी।
फिल्म होली के बाद परेश को ‘हिफाज़त’, ‘दुश्मन का दुश्मन’, ‘लोरी’ और ‘भगवान दादा’ जैसी फिल्मों में काम करने का अवसर मिला लेकिन इनसे उन्हें कुछ ख़ास फायदा नहीं हुआ। वर्ष 1986 में परेश रावल को राजेन्द्र कुमार निर्मित फिल्म ‘नाम’ में काम करने का अवसर मिला। संजय दत्त और कुमार गौरव अभिनीत इस फिल्म में वह खलनायक की भूमिका में दिखाई दिए। फिल्म टिकट खिड़की पर सुपरहिट साबित हुई और वह खलनायक के रुप में कुछ हद तक अपनी पहचान बनाने में कामयाब हो गए।

‘नाम’ की सफलता के बाद परेश रावल को कई अच्छी फिल्मों के प्रस्ताव मिलने शुरू हो गए। जिनमें ‘मरते दम तक’, ‘सोने पे सुहागा’, ‘ख़तरो के खिलाड़ी’, ‘राम लखन’, ‘कब्ज़ा’, ‘इज़्ज़त’ जैसी बड़े बजट की फिल्में शामिल थी। इन फिल्मों की सफलता के बाद परेश रावल ने सफलता की नई बुलंदियों को छुआ और अपनी अदाकारी का जौहर दिखाकर दर्शको को भावविभोर कर दिया।

(लोकदेश डेस्क/एजेंसी। मुंबई)