Thursday, January 15, 2026
Google search engineGoogle search engine
Homeसोशल मीडिया से

सोशल मीडिया से

बेगुनाहों की ये लाशें ही ‘रुद्राक्ष के सौदागर’ की टीआरपी है 

मध्यप्रदेश में सीहोर को राजधानी भोपाल का सबसे नजदीकी जिला होने का गौरव हासिल है। नर्मदा, पार्वती, दूधी और नेवज जैसी पवित्र नदियों के...

राजा रघुवंशी के जीवन की  वह जोंक और हम सरीखों के लिए बाजार का ये जोक 

हो  सकता है कि ये सोच रूढ़िवादी लगे. मेरा एक दोस्त नरेश नालिया अब इस दुनिया में नहीं है. एक समय वो विवाह प्रस्ताव के...

हाँ फरीद… मैं तुम्हारा वाला ही हूँ, मगर तुम कहाँ हो ? 

एक विनम्र निवेदन है कि इस पोस्ट को कृपया किसी भी रूप में जाति जैसी सोच से न जोड़िएगा। हाँ, ठीक लगे तो पूरा...

शर्मिष्ठा की किताब का शीर्षक होगा ‘माय इयर्स इन ए  नॉन-इंडियन प्रिजन’ !

मैरी टेलर बरसों पहले इंग्लैंड से भारत आई थीं। यहां पश्चिम बंगाल में उन्हें जेल में डाल दिया गया। हालाँकि उन पर नक्सलियों से संबंध...

जूतों का क्या है! बात तो कार्टून छपने के इंतजार की है

ये नाहक ही चिल्लपों किसलिए? भूलना तो मानवीय स्वभाव की बेहद सहज प्रक्रिया है। अब राहुल गांधी भोपाल में अपनी दिवंगत दादी को नमन करते...

‘लेकिन’ कोई आए तो उस ’99’ को पार करते हुए

है तो पागलपन ही। लेकिन ये न कहूं, तो मुझे आज की तरह ही हरेक रात की नींद हराम होने का श्राप मिले। 'लेकिन'...

चुनाव हो जाने दीजिए, ‘रुप्पन यादव’ बाइज्जत घर लौट आएंगे 

यह अरबों रुपए के चारा घोटाले का अदालती निर्णय आने से काफी पहले की बात है। तब तेजी से आगे बढ़ रहे एक हिंदी...

क्योंकि मैं जलन में डूबा हुआ हूँ

लगभग पैंतीस साल हो गए हैं इस बात को। उन सज्जन का नाम नहीं पता। 'सरिता' में उन्होंने एक आलेख लिखा ही नहीं, बल्कि रचा...

एक कुंवर जी और दीवार से टिके दो माथे 

Ratnakar Tripathi 'कुंवर जी! ये क्या कर दिया आपने...! उफ़! हरसूद तो डूबते-डूबते काफी-कुछ बच गया, लेकिन लोग कह रहे कि आप डूब...' 'ये क्या...

उम्मीद की चादर नहीं, कम से कम कफ़न का इंतजाम तो हो ही गया 

देर रात का समय। हर ओर अँधेरा है। मुझे नींद नहीं आ रही। सोचता हूं कि कैफ़ी आज़मी बन जाऊं। बोलूं, 'आज की रात...