Tuesday, January 20, 2026
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ताकतवर ‘बी फॉर भारत’ से जले-भुने डोनाल्ड ट्रंप का ‘ए फॉर एप्पल’ वाला बचपना 

इसे आज के विकसित एवं ताकतवर भारत से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जलन का मामला कह सकते हैं. ऑपरेशन सिंदूर में  सीजफायर का श्रेय लेने की होड़ में एक्सपोज हुए ट्रंप अब अपनी खुन्नस कुछ इस तरह भी निकाल रहे हैं. 

दरअसल ट्रंप ने  कहा है कि एप्पल यदि भारत में संयंत्र लगाना चाहता है तो ठीक है लेकिन ऐसा करने पर प्रौद्योगिकी क्षेत्र की यह कंपनी बिना शुल्क के अमेरिका में अपने उत्पाद नहीं बेच पाएगी।

ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब उन्होंने अमेरिकी परमाणु ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए अपने कार्यालय ‘ओवल ऑफिस’ में कई कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए।  

ट्रंप ने शुक्रवार को कहा ‘‘…लेकिन टिम (कुक) के साथ मेरी सहमति थी कि वह ऐसा नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि वह संयंत्र बनाने के लिए भारत जा रहे हैं। मैंने कहा, ‘‘भारत जाना है, तो ठीक है लेकिन आप शुल्क के बिना यहां बिक्री नहीं कर पाएंगे’ और ऐसा ही है।’’  

उन्होंने कहा, ‘‘हम आईफोन के बारे में बात कर रहे हैं। अगर वे इसे अमेरिका में बेचना चाहते हैं तो मैं चाहता हूं कि इसे अमेरिका में ही बनाया जाए।’’  

ट्रंप ने इससे पहले शुक्रवार सुबह सोशल मीडिया पर एक ‘पोस्ट’ में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अमेरिका में बेचे जाने वाले एप्पल आईफोन का विनिर्माण अमेरिका में ही किया जाएगा, न कि ‘‘भारत या किसी अन्य स्थान पर।’’  

उन्होंने धमकी दी कि अगर कंपनी इसका पालन नहीं करती है तो वह उसके उत्पादों पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाएंगे।  

ट्रंप ने लिखा, “मैंने बहुत पहले ही एप्पल के टिम कुक को बता दिया था कि अमेरिका में बेचे जाने वाले उनके आईफोन का विनिर्माण यहीं किया जाएगा, न कि भारत में या किसी अन्य स्थान पर। यदि ऐसा नहीं होता है, तो एप्पल को अमेरिका को कम से कम 25 प्रतिशत शुल्क का भुगतान करना होगा।’’  

पिछले सप्ताह ही ट्रंप ने पश्चिम एशिया की अपनी यात्रा के दौरान दोहा में कहा था कि उन्होंने एप्पल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) से कहा है कि वह भारत में निर्माण न करें, बल्कि अमेरिका में अपनी विनिर्माण क्षमता विकसित करें। 

टिम कुक के नेतृत्व वाली एप्पल कंपनी आईफोन विनिर्माण को चीन से भारत में स्थानांतरित करने पर विचार कर रही है।

(लोकदेश डेस्क/एजेंसी। न्यूयॉर्क)