निजी जीवन की समस्याएं कैसे सफलता के शीर्ष पर बैठे व्यक्ति को भी जिंदगी ख़त्म करने की कगार पर ला सकती हैं, इसे समझने के लिए भारतीय लेग स्पिनर क्रिकेटर युजवेंद्र चहल का उदाहरण ताजा मामला कहा जा सकता है.
पत्नी धनश्री वर्मा से युजवेंद्र का तलाक जहां सुर्ख़ियों में रहा, वहीं इस एक घटना ने इस क्रिकेटर को बुरी तरह तोड़ दिया, क्योंकि उनका दावा है कि खुद उन्होंने कभी भी किसी के साथ धोखेबाजी नहीं की है, इसलिए तलाक का सदमा झेलना उनके लिए काफी मुश्किल था.
एक पॉडकास्ट में युजवेंद्र ने कहा कि तलाक का फैसला अचानक नहीं लिया गया था, बल्कि कुछ समय से इस पर विचार किया जा रहा था। चहल ने कहा कि उन्होंने कभी किसी को धोखा नहीं दिया और जिंदगी के इस उथल-पुथल भरे दौर में उनके मन में आत्महत्या के विचार भी आए थे।

चहल ने राज शामानी पॉडकास्ट पर अपने निजी जीवन के कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं पर बात की और कहा, ‘, ‘‘तलाक के बाद मुझे धोखेबाज़ कहा गया। लेकिन मैंने ज़िंदगी में कभी किसी को धोखा नहीं दिया। मैं बेहद वफ़ादार रहा हूं। शायद मैं दूसरों से ज्यादा वफादार हूं। अपने प्रियजनों के लिए मैंने हमेशा दिल से सोचा है।’’
इस 34 वर्षीय क्रिकेटर ने कहा कि तलाक के बाद वह भावनात्मक रूप से टूट चुके थे।
चहल ने कहा, ‘‘मेरे मन में आत्महत्या के विचार आते थे। मैं अपनी ज़िंदगी से उब चुका था। मैं दिन में कई बार रोता था और बस दो घंटे सोता था। ऐसा 40 दिन से भी अधिक समय तक चला। मुझे घबराहट और अवसाद के दौरे पड़ते थे। सिर्फ़ मेरे करीबी लोग ही जानते थे कि मैं किस दौर से गुज़र रहा था।
चहल ने यह भी बताया कि उन्होंने क्रिकेट से ब्रेक लेने पर विचार किया था क्योंकि मानसिक तनाव के कारण वह ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रहे थे। उन्होंने तलाक के फैसले पर पहुंचने के संबंध में कहा कि दोनों पक्षों की बढ़ती व्यावसायिक प्रतिबद्धताओं ने इसमें अहम भूमिका निभाई।
चहल ने कहा, ‘‘ऐसा कुछ समय से चल रहा था। हमने तय किया कि जब तक हम पूरी तरह आश्वस्त नहीं हो जाते, हम सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कहेंगे। सोशल मीडिया पर हम एक सामान्य जोड़े की तरह दिखते थे, लेकिन समस्याएं बढ़ती जा रही थी। एक रिश्ते में समझौते की ज़रूरत होती है। अगर दोनों लोग हमेशा व्यस्त रहते हैं, तो दूरी आना स्वाभाविक है।’’ चहल ने उस दौरान फैली अफवाहों का खंडन किया और कहा कि नकारात्मक विचारों ने उन्हें अंदर तक प्रभावित किया।
उन्होंने कहा, ‘‘सिर्फ़ इसलिए कि आप किसी के साथ देखे जाते हैं, लोग उससे आपको जोड़ना शुरू कर देते हैं। मेरी दो बहनें हैं। मैं महिलाओं का सम्मान करना जानता हूंं।’’
इस लेग स्पिनर ने उस बात का भी जिक्र किया जब उन्होंने अदालत में पेशी के दौरान ‘‘अपने शुगर डैडी स्वयं बनें‘‘ लिखी टी-शर्ट पहनी थी।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं कोई ड्रामा नहीं चाहता था, लेकिन दूसरी तरफ़ से कुछ हुआ। इसलिए मैंने टी-शर्ट के ज़रिए अपना संदेश दिया। मैंने किसी को गाली नहीं दी।’’
(लोकदेश डेस्क/एजेंसी। मुंबई)


