Monday, January 19, 2026
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हिमाचल में पूरे परिवार को खोने वाली दस महीने की मासूम बनी ‘राज्य की संतान’ 

दस महीने की दुधमुंही नीतिका को तो इस आयु में यह तक पता नहीं होगा कि किस तरह प्रकृति ने उसे जीवन शुरू होने से पहले ही जीवन का सबसे बड़ा दुःख दे दिया था. हाँ, जब वह समझदार होगी तो उसे यह आभास जरूर होगा कि कैसे इस दुःख से उसे निजात भी दी गई 

नितिका हिमाचल प्रदेश की वह मासूम है, जिसके माता- पिता सहित सारा परिवार उसके गाँव तलवाड़ा में 30 जून से एक जुलाई के बीच आई बाढ़ में अपनी जान से हाथ धो बैठा। 

 बादल फटने के बाद अचानक आयी बाढ़ में नीतिका के पिता रमेश (31) की मौत हो गयी थी जबकि मां राधा देवी (24) और दादी पूर्णु देवी (59) अब भी लापता हैं, जिनके जीवित रहने की अब  कोई उम्मीद नहीं है.

लेकिन मंडी जिले की नितिका को अब बड़ा सहारा मिल गया है. नीतिका को ‘‘राज्य की संतान’’ (चाइल्ड ऑफ द स्टेट) घोषित किया गया है और प्रदेश की  सरकार ने उसकी शिक्षा एवं पालन-पोषण की पूरी जिम्मेदारी उठाने का संकल्प लिया है

‘चाइल्ड ऑफ द स्टेट’ ऐसे बच्चे को कहा जाता है जिसकी देखभाल और कानूनी संरक्षकता सरकार के पास होती है। ऐसा अक्सर तब होता है जब बच्चे के माता-पिता की मौत हो जाती है या वे उसकी देखभाल करने में असमर्थ होते हैं

हादसे वाली रात नितिका के पिता घर में घुस रहे पानी को रोकने के लिए बाहर निकले थे, जबकि नितिका की माँ और दादी मदद के लिए बाहर निकली थीं लेकिन वे वापस नहीं लौटीं। 

नीतिका को हिमाचल प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत ‘‘राज्य की संतान’’ घोषित किया गया है। 

 हिमाचल प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने एक संवाद एजेंसी से ऑनलाइन बातचीत में कहा, ‘‘राज्य सरकार एक दीर्घकालिक योजना के तहत छोटी-सी लड़की के पालन-पोषण, शिक्षा और भविष्य की पूरी जिम्मेदारी लेती है। यह लड़की भविष्य में चिकित्सक, इंजीनियर या अधिकारी जो भी बनना चाहती है, सरकार उसका पूरा खर्च वहन करेगी।’’  

राज्य में 2023 में शुरू की गई सुख-आश्रय योजना के तहत अनाथों (राज्य के बच्चों) को कई लाभ प्रदान किए जाते हैं जिसमें 18 से 27 वर्ष की आयु के ऐसे अविवाहित अनाथों को भोजन, आश्रय, कपड़े, उच्च शिक्षा और कौशल विकास के अवसर प्रदान करना शामिल है, जिनके पास रहने के लिए कोई जगह नहीं है और बेरोजगार हैं।  

घटना वाले दिन पड़ोसी प्रेम सिंह को नीतिका घर में अकेले रोती हुई मिली थी। उन्होंने नीतिका के रिश्तेदार बलवंत को इसके बारे में सूचना दी। बलवंत पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर के निजी सुरक्षा अधिकारी हैं।  

यह बच्ची अभी बच्ची तलवाड़ा गांव से करीब 20 किलोमीटर दूर शिकौरी गांव में अपनी बुआ किरना देवी के साथ रह रही है।

(लोकदेश डेस्क/एजेंसी। शिमला/मंडी)