Thursday, January 15, 2026
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क्रूरता की इन्तेहाँ! अपने बच्चे को ठीक करने तीन साल के मासूम की बलि दी; सिर काटकर कर दिया अलग 

छत्तीसगढ़ से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ के बलरामपुर जिले में एक अंधविश्वासी बाप ने अपने दिमागी रूप से बीमार बेटे के इलाज के लिए किसी और के तीन साल के मासूम बच्चे की बलि चढ़ा दी। 

हत्यारा  बाप पहले मिठाई-बिस्कुट खिलाने के बहाने बच्चे को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। फिर घर में पूजा पाठ कर लोहे की छुरी से मासूम का गला काट दिया। सवा साल पहले हुई इस वारदात और मासूम की लाश का पुलिस को शायद कभी भी पता नहीं चलता, यदि चालीस साल के आरोपी राजू कोरवा ने खुद ही गांव में ही किसी को नहीं बताया होता कि उसने ‘महापूजा’ की है। 

मामला सामरी थाना क्षेत्र के सुलुगडीह का है। साल 2024 के अप्रैल में यहां रहने वाले  बिरेंद्र नगेशिया और उसकी पत्नी दयामुनि का तीन साल का बेटा लापता हो गया. पुलिस लाख कोशिश के बाद भी उसका कोई पता नहीं लगा सकी. 

अब जो सच सामने आया, उससे सभी हतप्रभ रह गए हैं. राजू कोरवा ने बताया कि उसने बच्चे का अपहरण किया और उसे जंगल में ले गया। यहां उसने तांत्रिक पूजा पाठ की और फिर बच्चे का गला काटकर उसकी बलि चढ़ा दी। बलि देने के बाद उसने शव को दफना दिया। फिर तंत्र क्रिया के लिए बच्चे के सिर को अपने घर पर भी रखा. 

इस बीच लापता बच्चे के परिवार वालों को पता चला कि राजू कोरवा ‘बड़ा पूजा’ की बात कर रहा है। बड़ा पूजा का मतलब नर बलि होता है। 

इस सूचना के आधार पर पुलिस ने राजू को पकड़ा। पहले तो उसने कहा कि शराब के नशे में वो बलि की बात कह गया था, लेकिन फिर उसने अपना अपराध कबूल कर लिया। 

राजू के मुताबिक़ उसे  यकीन था कि मासूम की बलि देने से प्रसन्न होकर भगवान उसके बेटे की दिमागी बीमारी ठीक कर देंगे। 

(लोकदेश डेस्क/एजेंसी। रायपुर/बलरामपुर)