स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर को लेकर अपनी टिप्पणियों के चलते कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के सामने एक के बाद एक दो नई चुनौतियाँ आ गई दिखती हैं.
राहुल गाँधी ने लंदन में सावरकर के खिलाफ टिप्पणी करते हुए किसी किताब का हवाला दिया था.
अब सावरकर के एक रिश्तेदार ने पुणे की एक अदालत में आवेदन किया है कि उन्हें राहुल से वह किताब उपलब्ध कराई जाए.
इससे पहले महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता बाला दराडे ने कहा था कि यदि राहुल ने अब सावरकर के खिलाफ टिप्पणी की तो उनका मुंह काला कर दिया जाएगा।
नए मामले में सावरकर के भतीजे अशोक सावरकर के बेटे व आवेदक सात्यकी सावरकर ने कहा कि राहुल गांधी की टिप्पणी काल्पनिक थी और स्वतंत्रता सेनानी की लिखी किसी पुस्तक पर आधारित नहीं थी।
दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस सांसद गांधी का प्रतिनिधित्व कर रहे बचाव पक्ष के वकील मिलिंद पवार ने एक अलग आवेदन दायर करके सात्यकी सावरकर की मां के वंश से जुड़ी जानकारी मांगी है।
बचाव पक्ष के वकील की याचिका में कहा गया है कि सात्यकी की मां दिवंगत हिमानी अशोक सावरकर महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे के परिवार से थीं क्योंकि उनके (हिमानी) पिता गोपाल गोडसे नाथूराम गोडसे के भाई थे।
सात्यकी सावरकर ने मार्च 2023 में लंदन में दिए गए राहुल गांधी के भाषण का हवाला देते हुए पुणे की एक अदालत में उनके खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया था।
शिकायत के अनुसार, कांग्रेस सांसद ने अपने भाषण में दावा किया था कि विनायम दामोदर सावरकर ने एक ‘पुस्तक’ में लिखा था कि “ उन्होंने (सावरकर) और उनके पांच-छह दोस्तों ने एक बार एक मुस्लिम व्यक्ति की पिटाई की थी और उन्हें (सावरकर को) खुशी हुई थी।”
शिकायत में कहा गया है कि वी डी सावरकर ने कहीं भी ऐसी कोई बात नहीं लिखी और गांधी की टिप्पणी ‘काल्पनिक, झूठी और दुर्भावनापूर्ण’ है।
सात्यकी सावरकर की याचिका में कहा गया है, “आरोपी (गांधी) ने सावरकर की लिखी ‘हिंदुत्व’ नामक पुस्तक मांगी थी। हमने पहले ही विरोध स्वरूप उक्त पुस्तक प्रस्तुत कर दी थी।” उन्होंने कहा कि मामले में आरोपी द्वारा बयान दर्ज कराने के लिए 10 जनवरी, 2025 की तारीख तय की गई थी। हालांकि, आरोपी किसी न किसी बहाने से अपना बयान दर्ज नहीं करा रहा है और रणनीति के तहत देरी कर रहा है।
सात्यकी सावरकर का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ता संग्राम कोल्हटकर ने कहा, ‘हमने अब अदालत से आरोपी (राहुल गांधी) को वी डी सावरकर द्वारा कथित रूप से लिखी गई पुस्तक पेश करने का निर्देश देने की मांग की है, जिसका हवाला आरोपी ने लंदन में अपमानजनक टिप्पणी करते समय दिया था।”
कोल्हटकर ने कहा कि मामले की निष्पक्ष सुनवाई के लिए संबंधित पुस्तक आवश्यक है।
इस बीच, राहुल गांधी के वकील पवार ने अदालत के समक्ष एक आवेदन दायर कर सात्यकी सावरकर की ‘मातृ वंशावली’ के बारे में जानकारी देने की मांग की है। पवार ने कहा, “मामला दायर करते समय, शिकायतकर्ता सात्यकी सावरकर ने अदालत में अपने पैतृक वंश का विवरण प्रस्तुत करके सावरकर से अपने संबंधों के बारे में बताया तथा स्वतंत्रता संग्राम में सावरकर के योगदान पर प्रकाश डाला।”
(लोकदेश डेस्क/एजेंसी। मुंबई/नई दिल्ली)


