मुंबई हमले के आरोपी आतंकवादी तहव्वुर राणा दिल्ली की तिहाड़ जेल में फिलहाल तो तसव्वुर में ही अपने परिवार वालों से बात कर रहा है. क्योंकि उसे घर के लोगों से मिलने की इजाज़त नहीं दी गई है. इसके खिलाफ राणा ने अदालत का रुख किया है.
इससे जुड़ी राणा की याचिका पर दिल्ली की एक अदालत ने तिहाड़ जेल प्रबंधन से जवाब माँगा है. राणा 26/ 11 के आतंकी हमले में शामिल बताया गया है.
मामले की अगली सुनवाई आने वाली चार जून को होगी।
इसके पहले भी 24 अप्रैल को पटियाला हाउस कोर्ट ने तहव्वुर राणा को अपने परिवार के सदस्यों से बात करने की अनुमति की मांग खारिज कर दिया था.
तहव्वुर राणा फिलहाल न्यायिक हिरासत में है.
बीती नौ मई को कोर्ट ने राणा को छह जून तक की न्यायिक हिरासत में भेजा था.
पिछली मई को कोर्ट में तहव्वुर राणा के आवाज और लिखावट के नमूने लिए गए थे.
एनआईए ने 10 अप्रैल की शाम को तहव्वुर को दिल्ली के पालम वायुसेना अड्डे पर उतरते ही गिरफ्तार किया था.
अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रत्यर्पण के खिलाफ राणा की याचिका खारिज किए जाने के बाद उसे लाने के लिए भारतीय एजेंसियों की एक टीम अमेरिका गई थी.
तहव्वुर राणा पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है.
2008 के मुंबई आतंकी हमलों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक अमेरिकी नागरिक डेविड कोलमैन हेडली उर्फ दाऊद गिलानी का करीबी सहयोगी है. 64 वर्षीय तहव्वुर राणा के समर्थन की वजह से उस समय भारत में हेडली की आवाजाही आसान हो गई थी.
पाकिस्तान मूल के तहव्वुर राणा और डेविड कोलमैन हेडली बचपन के दोस्त थे और दोनों ने एक ही सैनिक स्कूल से पढ़ाई की थी.
तहव्वुर राणा ने डेविड कोलमैन हेडली की मदद के लिए मुंबई में एक एजेंसी खोली थी.
(लोकदेश डेस्क/एजेंसी। नई दिल्ली)


