फिलिस्तीन के साथ संघर्ष को और तेज करते हुए इजराइल ने साफ़ कर दिया है कि अब वो पूरे गाजा पर नियंत्रण करने जा रहा है.
इसके पुख्ता संकेत तब मिले, जब सोमवार को इजराइल की सेना ने गाजा के दूसरे सबसे बड़े शहर खान यूनिस और आसपास के कस्बों के निवासियों को क्षेत्र खाली करने का आदेश जारी किया.
सैन्य प्रवक्ता अविचाय अद्राई ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर आदेश पोस्ट करते हुए कहा कि पूरा क्षेत्र ”एक खतरनाक युद्ध क्षेत्र माना जाएगा.” क्षेत्र खाली करने का यह आदेश ऐसे समय में आया है जब इजराइल ने गाजा में युद्ध तेज कर दिया है.
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को स्वीकार किया कि उन्होंने गाजा को सहायता बहाल करने का निर्णय सहयोगियों के दबाव के कारण लिया है. नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो बयान में कहा कि इजराइल के सहयोगियों ने ”भूख से जुड़ी तस्वीरों” के बारे में चिंता व्यक्त की.
नेतन्याहू ने कहा कि ” दुनिया में इजराइल के सबसे बड़े दोस्तों ने कहा कि एक चीज है जिसे हम बर्दाश्त नहीं कर सकते. हम भूख, भूख की तस्वीरों को स्वीकार नहीं कर सकते. हम इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते. हम आपका समर्थन नहीं कर पाएंगे.” नेतन्याहू ने कहा, ”इसलिए जीत हासिल करने के लिए हमें किसी तरह समस्या का समाधान करना होगा.” उन्होंने कहा कि जो सहायता दी जाएगी वह “न्यूनतम” होगी. उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह सहायता कब से बहाल होगी.
इजराइल ने रविवार को कहा कि वह मार्च की शुरुआत से आयात पर पूरी तरह रोक लगाने के बाद युद्धग्रस्त क्षेत्र में सहायता आपूर्ति फिर से शुरू करेगा. इजराइल का कहना है कि ईंधन, खाद्य और दवाइयों सहित सामानों पर रोक का उद्देश्य गाजा में चरमपंथी समूह हमास पर दबाव बढ़ाना है. इजराइल का कहना है कि ये सभी तरीके हमास को इजराइल की शर्तों पर युद्ध विराम समझौते के वास्ते सहमत करने के लिए हैं.
(लोकदेश/एजेंसी। यरूशलेम)


