आतंकी संगठन ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से एक बयान में निज़ामनी के मरने का मातम जताया
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान को एक बार फिर उसके संरक्षण में पल रहे आतंकवादियों ने ही दुनिया के सामने बेनकाब कर दिया है.
विभिन्न आतंकवादी समूहों के संयुक्त संगठन ‘यूनाइटेड जिहाद काउंसिल’ (यूजेसी) ने पीओके से एक बयान जारी कर लश्कर-ए-तैयबा के एक प्रमुख आतंकवादी की मौत पर दुख जताया है.
राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के मुख्यालय पर वर्ष 2006 में हुए हमले के मुख्य षड्यंत्रकारी और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी रजाउल्ला निजामनी खालिद उर्फ अबू सैफुल्ला (देखें छायाचित्र) की रविवार को पाकिस्तान के सिंध प्रांत में अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी.
यूजेसी का नेतृत्व करने वाले सैयद सलाहुद्दीन ने खालिद की भूमिका की ‘‘प्रशंसा’’ की। सलाहुद्दीन को अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा आतंकवादी घोषित किया गया है और वह भारत में विभिन्न आतंकी हमलों के लिए वांछित है।
आतंकी संगठन ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से एक बयान जारी किया।
खालिद 2000 की शुरुआत में नेपाल से लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी अभियानों का नेतृत्व करता था और उसे विनोद कुमार, मोहम्मद सलीम और रजाउल्ला नाम से भी जाना जाता था। वह भारत में कई आतंकी हमलों में शामिल रहा था।
यूजेसी के इस बयान से यह बात और पुख्ता हो गयी है कि पाकिस्तान और उसके अवैध कब्जे वाले कश्मीर के इलाकों का इस्तेमाल भारत में आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है।
(लोकदेश डेस्क/एजेंसी। नई दिल्ली)


