मध्यप्रदेश में 28 साल पहले की रहस्यमय हालात में हुई हाई प्रोफ़ाइल मौत का मामला फिर तूल पकड़ रहा है.
कांग्रेस नेत्री सरला मिश्रा के भाई ने सोमवार को भोपाल पुलिस से संपर्क कर मिश्रा की मौत के मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सहित पांच लोगों पर गंभीर आरोप लगाए
सरला के भाई अनुराग मिश्रा ने कहा कि उनकी बहन की हत्या के मामले को आत्महत्या बना दिया गया.
सरला मिश्रा 14 फरवरी 1997 को भोपाल के साउथ टीटी नगर स्थित अपने सरकारी आवास में गंभीर रूप से जली हुई अवस्था में पाई गई थीं. पांच दिन बाद दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में उनकी मौत हो गई.
बीते महीने ही भोपाल की एक अदालत ने भी इस मामले की नए सिरे से जांच के आदेश दिए थे. मामले में दिग्विजय सिंह के छोटे भाई लक्ष्मण सिंह की भूमिका भी सवालों के घेरे में है.
इससे पहले पुलिस ने साल 2000 में सरला की मौत को आत्महत्या का मामला बताते हुए भोपाल की एक कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी थी. लेकिन सरला के परिजन लंबे समय से इसे हत्या का मामला बताते चले आ रहे हैं.
इस क्लोजर रिपोर्ट को अनुराग ने ही हाई कोर्ट में चुनौती दी थी, जहां से निचली अदालत को मामले की नए सिरे से जांच के लिए कहा गया.
अनुराग ने मुख्य रूप से यह सवाल उठाया था कि जब उनकी बहन 90 फीसदी तक जल गई, तब भला वह मृत्यु पूर्व बयान या उस पर हस्ताक्षर कैसे कर सकती थी?
उस समय मीडिया से बातचीत में अनुराग ने इस हत्या के पीछे दिग्विजय और लक्ष्मण सिंह का हाथ होने का आरोप भी लगाया था.
(लोकदेश समाचार। भोपाल)


