Monday, January 19, 2026
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वो इजरायली,  जो देश के लिए फांसी पर चढ़ गया…. उसे ऐसे याद किया नेतन्याहू ने 

 नेतन्याहू ने कहा, ‘‘एली इजराइली खुफिया एजेंसी के सर्वाधिक बेहतरीन एजेंट थे। उनके जैसा कोई नहीं हुआ।’’

वतन की खातिर अपनी जान दे देने वाले एक शख्स को उसके देश इजरायल ने बहुत अलग अंदाज में याद किया है. 

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सीरिया के राजनीतिक क्षेत्र में घुसपैठ करने वाले इजराइली जासूस एली कोहेन से संबंधित 2,500 वस्तुओं में से कुछ को कोहेन की पत्नी नादिया कोहेन के साथ रविवार को साझा किया। कोहेन को 60 साल पहले दमिश्क के एक चौराहे पर फांसी दे दी गई थी। 

 हाल में इजराइल में लाई गई वस्तुओं में दस्तावेज, रिकॉर्डिंग, फोटो, जनवरी 1965 में एली के पकड़े जाने के बाद सीरियाई खुफिया विभाग द्वारा एकत्र की गई वस्तुएं, इजराइल में उनके परिवार को लिखे उनके हस्तलिखित पत्र, सीरिया में मिशन के दौरान उनकी गतिविधियों की तस्वीरें तथा पकड़े जाने के बाद उनके घर से ले जाई गई व्यक्तिगत वस्तुएं शामिल हैं।

इजराइल लाए गए सामान के सूटकेसों में हस्तलिखित पत्रों के पुराने फोल्डर, दमिश्क में एली कोहेन के अपार्टमेंट की चाबियां, पासपोर्ट एवं फर्जी पहचान पत्र संबंधी दस्तावेज, विशिष्ट लोगों एवं स्थानों पर नजर रखने के लिए मोसाद के मिशन तथा एली की जेल से रिहाई के लिए नादिया कोहेन द्वारा विश्व के नेताओं से की गई अपील से जुड़े सभी दस्तावेज शामिल हैं।

सीरिया में एली कोहेन की सफलता, जासूसी एजेंसी मोसाद की पहली बड़ी उपलब्धियों में से एक थी और उनके द्वारा प्राप्त अत्यंत गोपनीय खुफिया जानकारी को 1967 के पश्चिम एशिया युद्ध में इजराइल की त्वरित जीत में अत्यधिक मददगार होने का श्रेय दिया जाता है।  

एली कोहेन 1960 के दशक की शुरुआत में इजराइल के कट्टर दुश्मन सीरिया के राजनीतिक एवं सैन्य अधिकारियों के साथ घनिष्ठ संपर्क बनाने में कामयाब रहे और अंततः सीरिया के रक्षा मंत्री के शीर्ष सलाहकार बन गए। कोहेन को 1965 में इजराइल को सूचना प्रसारित करते हुए पकड़ा गया। उन पर मुकदमा चलाया गया और 18 मई, 1965 को दमिश्क के एक चौक पर उन्हें फांसी पर लटका दिया गया।

 नेतन्याहू ने कहा, ‘‘एली एक इजराइली नायक हैं। वह इजराइली खुफिया एजेंसी के सर्वाधिक बेहतरीन एजेंट थे। उनके जैसा कोई नहीं हुआ।’’

(लोकदेश डेस्क/एजेंसी। जेरुसलम)