Monday, January 19, 2026
Google search engineGoogle search engine
Homeदेशमहागुरू निकला गुरू का चेला; 12 वीं पास ने पढ़े-लिखे भक्तों को...

महागुरू निकला गुरू का चेला; 12 वीं पास ने पढ़े-लिखे भक्तों को लगाया नौ करोड़ का चूना 

दिल्ली में मानसिक शांति के लिए एक आध्यात्मिक गुरू की शरण में गए लोगों को गुरु के चेले ने ही नौ करोड़ रुपए की चपत लगा दी. आइए जानते हैं कि मामला क्या है

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने एक आध्यात्मिक गुरु के 14 अनुयायियों को उच्च रिटर्न का वादा कर फर्जी निवेश योजनाओं में फंसाकर कथित तौर पर नौ करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने के आरोप में 44-वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि आरोपी मोहित वाधवा उर्फ ​​मनु को नौ मई को सुभाष नगर से गिरफ्तार किया गया।  पुलिस ने बताया कि वाधवा और उसके साथी सभी गुरुजी नामक एक आध्यात्मिक व्यक्ति के भक्त थे और छतरपुर के बड़े मंदिर में नियमित रूप से ‘सत्संग’ में भाग लेते थे। यहीं उन्होंने साथी भक्तों का विश्वास हासिल किया।

पुलिस उपायुक्त (ईओडब्ल्यू) अमित वर्मा ने कहा, ‘‘धार्मिक समुदाय के भीतर बने भरोसे का लाभ उठाते हुए उन्होंने कथित तौर पर लोगों को दुबई की विभिन्न योजनाओं में निवेश करने का लालच दिया।

 आरोपियों ने उच्च रिटर्न का वादा किया और सितंबर 2017 से सितंबर 2020 के बीच कई किस्तों में लगभग नौ करोड़ रुपये एकत्र किए।’’ 

 अधिकारी ने बताया कि गुरप्रीत कौर राय की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया। 

इसके बाद तीन और परिवार सामने आए, जिससे ठगे गए लोगों की कुल संख्या 14 हो गई।

  उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि बार-बार आश्वासन देने के बावजूद आरोपियों ने न तो पैसा लौटाया और न ही कथित निवेश के संबंध में कोई दस्तावेज उपलब्ध कराए।  

डीसीपी ने कहा, ‘‘अब तक एकत्र किए गए साक्ष्य मोहित वाधवा के खिलाफ आरोपों की पुष्टि करते हैं और उसके सहयोगियों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।’’ 

डीसीपी वर्मा ने बताया कि ईओडब्ल्यू पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात), 420 (धोखाधड़ी) और 120-बी (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया गया है।  

पुलिस ने बताया कि आरोपी 12वीं पास है और शादीशुदा है। उसने पहले भी अपने घर पर सत्संग का आयोजन किया था, जिसमें गुरुजी के भक्तों की बड़ी भीड़ जुटी थी।

 अधिकारी ने कहा, ‘‘उन्होंने निजी लाभ के लिए उनके विश्वास और भरोसे का फायदा उठाया।”  वाधवा को पहले भी निवेशकों से जुड़े इसी तरह के धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है।

(लोकदेश डेस्क/एजेंसी। नई दिल्ली)