मध्यप्रदेश सरकार में मंत्री विजय शाह एक बार फिर अपने कहे के चलते विवाद में आ गए हैं. शाह की निंदा हो रही है.
आरोप है कि उन्होंने भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर के बारे में बोलते हुए कर्नल सोफिया कुरैशी के लिए अपमानजनक बातें कह दीं.
अब जिस ऑपरेशन की मीडिया को बेहद प्रभावी तरीके से जानकारी देने वाली सोफिया जी के अपमान की बात हो तो बवाल होना स्वाभाविक है.
लेकिन विजय शाह के मामले में ये बातें अब अस्वाभाविक नहीं लगती हैं. क्योंकि अक्सर ये देखा गया है कि महिला की बात आते ही वो कुछ हिल जाने वाले अंदाज में नजर आने लगते हैं.
एक सार्वजनिक कार्यक्रम का वह वीडियो तो सबको याद ही होगा, जिसमें मंच पर शाह का एक महिला के लिए कुछ अलग ही रूप दिखा था.
फिर एक दौर में तो उन्होने मंत्री रहते हुए मध्यप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री की श्रीमती जी के लिए भी विचित्र बात कह दी थी. उसके बाद कुछ समय के लिए उन्हें मंत्री पद से अलग भी रहना पड़ गया था.
मशहूर फिल्म अभिनेत्री विद्या बालन से जुड़ा एक किस्सा भी याद आता है.
बालन अपनी फिल्म ‘शेरनी’ की शूटिंग के लिए मध्यप्रदेश के जंगलों में आई थीं. अचानक एक दिन उन्हें फिल्म की शूटिंग रोकने का आदेश दे दिया गया. मीडिया का दावा था कि ऐसा शाह की नाराजगी के चलते हुआ. क्योंकि वो फिल्म के सेट पर विद्या बालन से मिलने पहुंचे थे और उन्हें रात के भोजन का आमंत्रण दिया। बालन ने इससे इंकार कर दिया और कहते हैं कि इससे शाह के माथे पर ऐसे बल पड़े कि फिल्म की शूटिंग आधे में ही रोकने की नौबत आ गयी थी.
शाह बीच में एक मर्तबा भाजपा सांसद और अभिनेत्री हेमा मालिनी के लिए भी बयान देकर विवाद में आ चुके हैं. मंत्री के साथ ऐसा क्यों हो जाता है, वो खुद ही जानते होंगे, लेकिन ऐसा होने के साथ ही हर बार उठे विवाद से शाह पूरी तरफ बेफिक्र दिखते हैं.
(लोकदेश के लिए रत्नाकर त्रिपाठी की रिपोर्ट)


