महेंद्र सिंह धोनी अपने जीवन के 43वे साल में प्रवेश कर चुके हैं. यूं तो यह उम्र बुढ़ापे या रिटायरमेंट के लिहाज से बहुत कम मानी जाती है, लेकिन कई क्षेत्र में उम्र के इस पड़ाव को अवकाश का समय माना जाता है. इसलिए पिछले कुछ समय से यह चर्चा सरगर्म है कि है कि धोनी कभी भी बल्ला खूंटी पर टांगकर क्रिकेट से संन्यास ले सकते हैं.
इस सबके बीच धोनी ने एक बड़ी बात कही है.
चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने इंडियन प्रीमियर लीग में बुधवार को पश्चिम बंगाल में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ दो विकेट की जीत के बाद स्वीकार किया कि वह अपने करियर के अंतिम चरण में है लेकिन साथ ही कहा कि उनका तुरंत संन्यास लेने का कोई इरादा नहीं है और वह समय के साथ इस बारे में फैसला करेंगे।
सुपरकिंग्स की टीम ने इस जीत के साथ लगातार चार हार के क्रम को तोड़ा जिसके बाद धोनी ने समर्थन के लिए दर्शकों की सराहना की और संकेत दिया कि उनका मौजूदा सत्र खत्म होने के साथ संन्यास लेने का कोई इरादा नहीं है।
धोनी ने मैच के बाद कहा, ‘‘यही वह प्यार और स्नेह है जो मुझे हमेशा मिलता रहा है। यह मत भूलिए कि मैं 42 साल का हूं। मैं लंबे समय तक खेला हूं। उनमें से बहुतों को नहीं पता कि मेरा आखिरी मैच कब होगा (मुस्कुराते हुए) इसलिए वे आकर मुझे खेलते हुए देखना चाहते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस तथ्य से बचा नहीं जा सकता (कि मैं अपने करियर के अंतिम चरण में हूं)। इस आईपीएल के खत्म होने के बाद छह से आठ महीने और कड़ी मेहनत करनी होगी और देखना होगा कि मेरा शरीर इस दबाव को झेल सकता है या नहीं। अभी कुछ तय नहीं करना है लेकिन मैंने जो प्यार और स्नेह देखा है, वह शानदार है।’’
(लोकदेश डेस्क/एजेंसी। कोलकाता)


