इस्लामाबाद में चीन-पाकिस्तान अधिकारियों की मुलाकात
चीन के राजदूत से मिले पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार
पहलगाम आतंकी हमले के बाद चीन से मांगा समर्थन
इस्लामाबाद। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को भारत के हमले का डर सता रहा है। पिछले दो दिनों से भारत को परमाणु हमले की धमकी देने वाले पाकिस्तान ने आज नई पैंतरेबाजी शुरू कर दी है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने जहां निष्पक्ष जांच आफर किया है, वहीं पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इंटरनेशनल जांच की मांग कर डाली है। लेकिन भारत के तेवर को देखते हुए पाकिस्तान अपने सदाबहार दोस्त चीन की शरण में पहुंच गया है। इस्लामाबाद में पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने चीन के राजदूत जियांग जेड से मुलाकात की है। इस दौरान पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने क्षेत्रीय तनाव की जानकारी चीन को दी है। इससे पहले जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद चीन ने अपनी प्रतिक्रिया में आतंकी हमले की निंदा तो की थी दी है।
नई दिल्ली में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में इस बर्बर आतंकी हमले की निंदा की है। लेकिन चीन का यह बयान आतंकी हमले के एक दिन बाद आया था और इससे भी दिलचस्प बात यह थी कि इस पर पाकिस्तान और चीन की प्रतिक्रिया एक साथ आई थी। वहीं अब इस्लामाबाद में चीन और पाकिस्तानी अधिकारियों के बीच मुलाकात हुई है।
पाकिस्तान ने चीन से मांगा समर्थन
पाकिस्तान के पत्रकारों के मुताबिक इस मुलाकात के दौरान इस बैठक में उभरते क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की गई और करीबी कॉर्डिनेशन बनाए रखने पर सहमति बनी है। जबकि पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के एक्स अकाउंट से जारी बयान में कहा गया है कि “चीन के राजदूत जियांग जेड ने आज उप प्रधानमंत्री/विदेश मंत्री सीनेटर मोहम्मद इशाक डार से मुलाकात की। पाकिस्तान और चीन के बीच हर मौसम में रणनीतिक साझेदारी की पुष्टि करते हुए दोनों पक्षों ने उभरते क्षेत्रीय हालात पर विचारों का आदान-प्रदान किया और नजदीकी कम्युनिकेशन और समन्वय बनाए रखने पर सहमति जताई।” आपको बता दें कि चीन ने भले ही पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की है, लेकिन माना जा रहा है कि वो पाकिस्तान की युद्ध के दौरान मदद कर सकता है। भारत का कहना है कि पहलगाम आतंकी हमले में लश्कर-ए-तैय्यबा के प्रॉक्सी संगठन ने अंजाम दिया है। भारत का मानना है कि पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी करक के आदेश के बाद पाकिस्तानी आतंकियों ने इस हमले को अंजाम दिया है। इसका मकसद कश्मीर से शांति को खत्म करना और पर्यटकों को आने से रोकना है। दूसरी तरफ चीन लगातार संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तानी आतंकियों को ब्लैकलिस्ट करने के भारत और पश्चिमी देशों के प्रयासों को वीटो करता रहा है। इससे पाकिस्तानी आतंकी संगठनों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर बचाव मिलता है।
चीन ने तत्काल पाकिस्तान को भेजी महाशक्तिशाली PL-15 मिसाइलें, राफेल को जवाब दे सकेगा JF-17!
पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तानी वायुसेना ने युद्ध की आशंका के बीच भारत को चुनौती देने की कोशिश की है। पाकिस्तान एयरफोर्स ने एक तस्वीर जारी की है, जिसमें JF-17C लड़ाकू विमान में PL-15 एडवांस मिसाइल लगा देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि इस तस्वीर को जारी करने के पीछे पाकिस्तान का मकसद भारत को धमकाना है। इससे पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर, खास तौर पर द स्ट्रैटकॉम ब्यूरो नाम के अकाउंट से रिपोर्ट में दावा किया गया है, कि चीन ने पाकिस्तान को उसके खऋ-17 लड़ाकू विमानों के लिए PL-15 बहुत लंबी दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों की तत्काल डिलीवरी की है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन ने भारत के साथ तनाव को देखते हुए पाकिस्तान को इन मिसाइलों की डिलीवरी दी है। हालांकि, आधिकारिक स्रोतों ने इसकी पुष्टि नहीं की है लेकिन पाकिस्तान एयरफोर्स की तरफ से तस्वीरों का जारी किया जाना इसी की तरफ इशारा करता है। स्ट्रैटकॉम ब्यूरो की एक्स पर पोस्ट में कथित तौर पर पीएल-15 मिसाइल से लैस एक पाकिस्तानी जेएफ-17 को दिखाया गया था। इन मिसाइलों को निर्यात-संस्करण पीएल-15ई के बजाय चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी एयर फोर्स के आंतरिक स्टॉक से किया गया है। जिसका मतलब ये हुआ कि चीनी वायुसेना के लिए जो स्टॉक रखा गया था उसमें से पाकिस्तान को ये मिसाइल भेजे गये हैं।


