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कर्जमाफी के जवाब में पीएम किसानों को दे सकते ‎हैं नई सौगात

कर्जमाफी के जवाब में पीएम किसानों को दे सकते ‎हैं नई सौगात

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के चलते केंद्र सरकार ‎किसानों को कई नई सौगाते दे सकती है। हाल ही में तीन राज्यों में सरकार गठित करने के तुरंत बाद किसानों के कर्ज़ माफ कर कांग्रेस फ्रंट फुट पर आ गई है। ‎प्राप्त जानकारी के अनुसार जिसके जवाब में मोदी सरकार भी बजटसत्र में कई घोषणाएं कर सकती है। हांला‎कि लंबे अरसे से पीएम ‎किसानों की आय को बढ़ाने के ‎लिए योजनाएं बना रहे हैं। साल 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के लक्ष्य की घोषणा भी कर चुके हैं। जहां तेलंगाना की टीआरएस सरकार की रयथू बंधु योजना की तर्ज पर झारखंड में मुख्यमंत्री कृषि योजना की घोषणा की भी गई है, लेकिन पूरे देश के अन्य राज्य इस प्रकार की योजनाओं के लाभ उठाने से दूर हैं। बता दें ‎कि तेलंगाना में रयथू बंधु योजना या किसान निवेश सहायता योजना (एफआईएसएस) को 10 मई, 2018 में ही लागू किया गया था, जिसके तहत साल में दो फसलों के लिए राज्य सरकार द्वारा उन्हें निवेश सहायता के रूप में 8,000 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से दिए जाते हैं। तेलंगाना में 58.33 लाख किसानों को खरीफ तथा रबी सत्रों के लिए 4,000-4,000 रुपये प्रति एकड़ की मदद दी जा रही है, जिसके लिए सरकार ने 2018-19 के राज्य बजट में 12,000 करोड़ रुपये का आवंटन ‎किया है बता दें ‎कि रयथू बंधु योजना अपनी किस्म की देश की पहली योजना है.इसके बाद हाल ही में झारखंड में भाजपा की रघुबर दास सरकार ने इसी की तर्ज पर मुख्यमंत्री कृषि योजना की घोषणा की है, जिसे साल 2019-20 से लागू किया जाएगा। 2,250 करोड़ रुपये की इस योजना के अंतर्गत 22.76 लाख मध्यम तथा छोटे किसानों को 5,000 रुपये प्रति एकड़ की सहायता रा‎शि दी जाएगी। तेलंगाना में जहां सभी किसानों को इसका लाभ दिया जा रहा है, वहीं झारखंड में यह मदद सिर्फ उन किसानों को प्रदान की जाएगी, ‎जिनके पास पांच एकड़ से कम जमीन होगी। एक एकड़ से भी कम जमीन वाले ‎किसान को भी 5,000 रुपये की राशि ‎मिलेगी। यह सहायता राशि चेक या ‎फिर अथवा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के ज़रिये किसानों को दी जाएगी । प्राप्त जानकारी के मुताबिक, अब, जब समय लोकसभा चुनाव का है, एक या दो राज्यों से नहीं ब‎ल्कि पूरे देश के ‎किसानों के लाभ के ‎लिए ‎निर्णय लेना होगा। सभी किसानों को मदद पहुंचाने के लिए इसी तर्ज पर बनाई गई एक राष्ट्रव्यापी योजना की जरुरत है ‎जिसके बाद कांग्रेस को जवाब ‎दिया जा सकेगा। आगामी इस बजट सत्र में तेलंगाना या झारखंड की तर्ज पर ‎किसी कल्याण योजना की घोषणा केंद्र सरकार कर सकती है। जिसका विरोध करना कांग्रेस या किसी भी अन्य विपक्षी दल के लिए मुमकिन नहीं होगा।

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