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कुर्सी पर बैठते ही सीबीआई प्रमुख नागेश्वर राव ने आलोक वर्मा के फैसलों को किया रद्द

कुर्सी पर बैठते ही सीबीआई प्रमुख नागेश्वर राव ने आलोक वर्मा के फैसलों को किया रद्द

नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो के पद की कुर्सी संभालते ही अंतरिम निदेशक एम नागेश्वर राव ने आलोक वर्मा के किए फैसलों को पलट दिया है। राव ने आलोक वर्मा के 9 और 10 जनवरी के फैसलों को रद्द कर दिया। दरअसल गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में उच्चाधिकार प्राप्त चयन समिति की मैराथन बैठक के बाद आलोक वर्मा को सीबीआई निदेशक पद से हटा दिया गया था। अधिकारियों ने बताया था कि 1979 बैच के एजीएमयूटी कैडर के आईपीएस अधिकारी वर्मा को भ्रष्टाचार और कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही के आरोप में पद से हटाया गया। सीवीसी की रिपोर्ट में वर्मा के खिलाफ आठ आरोप लगाए गए थे। यह रिपोर्ट उच्चाधिकार प्राप्त समिति के समक्ष रखी गई था। समिति में लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खडग़े और प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के प्रतिनिधि के रूप में उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति एके सीकरी भी शामिल थे। वर्मा को विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के साथ उनके झगड़े के मद्देनजर 23 अक्टूबर 2018 की देर रात विवादास्पद सरकारी आदेश के जरिये छुट्टी पर भेज दिया गया था। उन्होंने उच्चतम न्यायालय में सरकार के आदेश को चुनौती दी थी। शीर्ष अदालत ने मंगलवार को सरकारी आदेश को निरस्त कर दिया था। वर्मा को छुट्टी पर भेजने वाले आदेश को निरस्त कर दिया था, लेकिन उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की सीवीसी जांच पूरी होने तक उनके कोई भी बड़ा नीतिगत फैसला करने पर रोक लगा दी थी।

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